जयपुर साहित्यिक उत्सव: प्रधान उद्घोष

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गुलज़ार एवं एन वॉल्डमैन वृषाली जैन, अधिकृत ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ब्लॉगर   “मैं उस ऊंची कुर्सी पर बैठते हुए घबराता हूँ जिसपर पाँव लगते नहीं ज़मीन पर| आपके पाँव तो नहीं मैले होंगे लेकिन जब पांव मैले नहीं होते तो कलम भी स्याही चखना बंद कर देते हैं|” ये अल्फ़ाज़ हैं गुलज़ार साब के… Read more »