कैपिटल : बुक लॉन्च

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अभय के संग संवाद रुथ पडेल    

 

उर्मिला गुप्ता, ऑफिशियल ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ब्लॉगर

जयपुर साहित्योत्सव वास्तव में किताबों का ही मेला है| ये ऐसा मंच है जो किताबों का उत्सव मनाता है, लेखकों को पाठकों से जुड़ने का मौका देता है और विचारकों को अपनी बात कहने व दूसरों की बात सुनने की स्वतंत्रता देता है| यहाँ देश-विदेश के लेखकों की किताबों का पाठकों के सामने विमोचन होता है, फिर वो किताबें चाहें कथा-साहित्य हो या कथेतर, उपन्यास हो या संस्मरण, व्यंग्य हों या कवितायें| सभी श्रेणी की किताबों की जानकारी यहाँ पाठकों से साझा की जाती है|

जयपुर साहित्योत्सव के तीसरे दिन भी कई किताबों का विमोचन हुआ, जिनमें नमिता गोखले, नरेंद्र कोहली, यतीन्द्र मिश्र, विद्या शाह से लेकर अभय के. तक की किताबें छाई रहीं|

राजनयिक, लेखक और कवि अभय के. को उनकी साउथ एशियन कविताओं के लिए सार्क लिटरेरी अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है| उनकी किताब “कैपिटल” एक कविता संग्रह है| इसमें अफ्रीका, अमेरिका, एशिया पेसिफिक और यूरोप के बहुत से शहरों पर कविताएं लिखी गई हैं| दरअसल ये किताब अभय ने संपादित की हैं| अभय खुद देश-विदेश घूमते रहे हैं तो हर शहर की कविता के साथ उनकी अपनी कुछ खूबसूरत यादें जुड़ी हैं|

उनकी किताब का विमोचन ब्रिटिश मूल की कवयित्री, उपन्यासकार, कथेतर लेखिका रुथ पडेल ने किया| एक कवयित्री होने के तौर पर रुथ ने उन कविताओं को बहुत ही ख़ूबसूरती से पढ़कर सुनाया और बताया की कविता लिखने में क्या चुनौतियाँ सामने आती हैं| और वो भी तब जब कविता महज मन के भावों से जुड़ी न होकर भौगोलिक सीमाओं से जुड़ी हो|

अभय उनकी बात से सहमत थे और बताया कि शहरों के बारे में अक्सर लेख लिखे जाते हैं, कहानियाँ बनती हैं, फ़िल्में आती हैं लेकिन इतने सारे शहरों पर इतनी कवितायेँ शायद पहली बार संकलित की गई हैं|

“कैपिटल” किताब का प्रकाशन ब्लूम्सबरी ने किया है|

 

Photo Credit: Chetan Singh Gil

 

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