आधुनिकता एक खोज: द सर्च फॉर मॉडर्निटी

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अनु सिंह चौधरी, मृणाल पांडे और सौरभ द्विवेदी संग संवाद अदिति महेश्वरी गोयल वृषाली जैन, अधिकृत ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल   आधुनिकता- मॉडर्निटी: आज के दौर में ऐसे शब्द हैं जिनकी परिभाषा वृहद् है| पहले इस पैनल से आपका परिचय कराये देते हैं| मृणाल पांडे अपने आप में एक संस्था हैं| वे अकादमिक हैं, लेखक… Read more »

पोएट्री फॉर मासेस: कविता लोगों के लिए

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प्रसून जोशी संग संवाद अनु सिंह चौधरी वृषाली जैन, अधिकृत ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल   “बाबुल मोहे लोहार के घर दे दीजो, जो मोरी जंजीरें पिघलाए, बाबुल मोरे जिया घबराये…” कुछ इन शब्दों पर ख़त्म हुआ था एक गीतकार, कवि, लेखक प्रसून जोशी का कविताओं पर, जन-कविताओं पर आधारित सेशन| मानते हैं, अंत से किसी… Read more »